चंडीगढ़ नगर निगम कमर्शियल बिल्डिंग के विभिन्न फ्लोर के मालिकों को स्वतंत्र प्रॉपर्टी आईडी देने की तैयारी कर रहा है। इस प्रस्ताव को निगम की अगली जनरल हाउस की बैठक में लाया जाएगा।

निगम के स्पेशल कमिश्नर जसप्रीत सिंह सूदन के अनुसार, भविष्य के विवादों से बचने के लिए सभी हिस्सेदारों की सहमति की अंडरटेकिंग ली जाएगी।

अंडरटेकिंग और एरियर भुगतान की शर्त

अलग प्रॉपर्टी आईडी बनवाने के लिए आवेदक को अपने हिस्से का बकाया एरियर जमा करना होगा।

बता दें कि निगम ने 28 अक्टूबर को रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के अलग-अलग फ्लोर की स्वतंत्र आईडी बनाने के नियमों में राहत दी थी। इस साल अप्रैल और मई में छूट की अवधि के दौरान कमर्शियल प्रॉपर्टी से 37.21 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स मिला था।