प्रवर्तन निदेशालय ने 4 नवंबर 2026 की सुबह छह बजे से मोगा में आम आदमी पार्टी की विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई नेशनल हाईवे 754A के लिए अधिग्रहित सरकारी जमीन के फर्जी इंतकाल और मुआवजा घोटाले से संबंधित है।

जांच के मुताबिक मोगा जिले के आदरमान गांव की सरकारी जमीन को निजी दिखाकर दिलखुश कुमारी के नाम पर एक करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा जारी किया गया था। इस मामले की शुरुआत पंजाब पुलिस द्वारा 16 जून 2024 को धर्मकोट थाने में दर्ज एफआईआर से हुई थी।

फर्जी दस्तावेजों और हस्ताक्षर से जुड़ा मामला

मोहाली की फॉरेंसिक साइंस लैब की जांच में राजस्व रिकॉर्ड के दस्तावेजों पर तत्कालीन तहसीलदार के हस्ताक्षर फर्जी पाए गए थे। इसी सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने विधायक के आवास, कैंप कार्यालय, अस्पताल और करीबियों के परिसरों सहित कुल सात ठिकानों पर तलाशी ली।

अब तक प्रवर्तन निदेशालय की ओर से नकदी, सोना या किसी अन्य संपत्ति की बड़ी बरामदगी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।