जयपुर के गोमय संस्थापकों द्वारा गाय के गोबर और पराली से तैयार 'गोमय समिधा' को आधिकारिक राष्ट्रीय पेटेंट मिल गया है। इस उत्पाद को तैयार करने में नागपुर के सीएसआईआर-नीरी संस्थान का सहयोग प्राप्त रहा है।

गोमय समिधा की विशेषता और प्रभाव

यह उत्पाद देसी गाय के गोबर, पराली और वैदिक हवन सामग्री का एक विशेष सम्मिश्रण है। संस्थापकों डॉ. सीताराम गुप्ता और अदिति गुप्ता के अनुसार, इसके उपयोग से अंतिम संस्कार के लिए प्रतिवर्ष कटने वाले करीब दो करोड़ पेड़ बचाए जा सकेंगे।

साथ ही, इस समिधा के प्रयोग से 90 लाख टन जहरीली कार्बन डाईऑक्साइड गैस का उत्सर्जन रोकने का दावा किया गया है। हालांकि, पेड़ों के बचाव और कार्बन उत्सर्जन में कमी से जुड़े ये आंकड़े वास्तविक उपयोग के बजाय अनुमानित दावे हैं।