जोधपुर के तिंवरी तहसील के चंडालिया गांव में सरकारी टीचर किशन सिंह ने कम पानी वाले डार्क जोन क्षेत्र में जैविक तरीके से अरंडी की खेती कर बड़ा मुनाफा कमाया है। किशन सिंह साल 2023 में ग्रेड सेकंड टीचर के पद पर चयनित हुए थे और वे सरकारी नौकरी के साथ खेती भी संभाल रहे हैं। उनके परिवार के पास कुल 64 बीघा जमीन है।

खारे पानी के बीच खेती से शुद्ध बचत

स्थानीय क्षेत्र में भूजल स्तर लगातार नीचे चला गया है और वर्तमान में बोरवेल का पानी 800 फीट से अधिक गहराई पर मिलता है जिसमें खारापन भी है। इन मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने पिछले साल 22 बीघा जमीन पर अरंडी की खेती की थी। इससे उन्हें करीब 12 लाख रुपए की आमदनी हुई थी और 3 से 3.25 लाख रुपए खर्च के बाद 8.75 से 9 लाख रुपए की शुद्ध बचत हुई थी।

फसल से मिलने वाले अच्छे मुनाफे को देखते हुए इस साल अरंडी की खेती का रकबा 22 बीघा से बढ़ाकर 40 बीघा कर दिया गया है। बाजार में माइको-419 वैरायटी का अरंडी बीज 570 रुपए प्रति किलो तक मिलता है तथा कुल बीज 500 से 600 रुपए प्रति किलो तक बिकता है। इसके अलावा बाजार में अरंडी का भाव 5,500 रुपए से लेकर 8,900 रुपए प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया है।