हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्कूली वाहनों की उम्र सीमा से जुड़े राज्य सरकार के नियम को वैध करार दिया है। अदालत ने 15 साल पुरानी बसों और शैक्षणिक संस्थानों के अन्य वाहनों पर प्रतिबंध लगाने वाले नियम को सही ठहराते हुए इससे जुड़ी सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं।

यह फैसला जस्टिस अजय मोहन गोयल और जस्टिस योगेश जसवाल की बेंच ने सुनाया। राज्य सरकार ने 12 अक्टूबर 2018 को मोटर वाहन नियम, 1999 में संशोधन कर नियम 73-A जोड़ा था, जिसके तहत स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों की अधिकतम उम्र 15 साल तय की गई है।

नूरपुर हादसे के बाद हुआ था संशोधन

अदालत के इस फैसले के बाद यह नियम सामान्य स्कूलों के साथ-साथ नर्सिंग और फार्मेसी जैसे सभी शिक्षण संस्थानों पर लागू होगा। यह संशोधन 9 अप्रैल 2018 को कांगड़ा जिले के नूरपुर में हुए स्कूल बस हादसे के बाद लाया गया था, जिसमें 23 बच्चों समेत 27 लोगों की मौत हुई थी।