गैस्ट्रोपेरेसिस एक ऐसी चिकित्सीय स्थिति है जिसमें पेट खाना पचाने के लिए उसे छोटी आंत तक भेजने में सामान्य से ज्यादा समय लगाता है। मुंबई स्थित कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल के कंसल्टेंट गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. दत्तात्रेय सोलंके ने इस बीमारी के बारे में जानकारी दी है। इसके लक्षणों की गंभीरता हर व्यक्ति में अलग हो सकती है।
इस बीमारी के प्रमुख कारणों में डायबिटीज, पेट की सर्जरी, कुछ दवाएं और अज्ञात कारण शामिल हैं। कई मामलों में गैस्ट्रोपेरेसिस का सटीक कारण पता नहीं चलता है।
गैस्ट्रोपेरेसिस की जांच के लिए गैस्ट्रिक एम्प्टिंग टेस्ट, एंडोस्कोपी, ब्लड टेस्ट और ब्रीथ टेस्ट किए जाते हैं।
इस बीमारी के इलाज में खानपान में बदलाव, दिन में 5 से 6 बार थोड़ी मात्रा में खाना और दवाएं शामिल हैं।








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