अयोध्या से प्रयागराज तक राम वन गमन पथ के विभिन्न पड़ावों के प्रामाणिक तथ्य सामने आए हैं। अयोध्या से बीस किलोमीटर दूर गौराघाट स्थित है, जहां श्रीराम ने वनवास के दौरान अपना पहला रात्रि विश्राम किया था।

शृंगवेरपुर के पुरातात्विक अवशेष

शृंगवेरपुर में निषादराज की लगभग तीस फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित है। यहां भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा सहेजा गया ढाई सौ फीट लंबा, तीस फीट चौड़ा और बीस फीट गहरा प्राचीन स्ट्रक्चर मौजूद है।

शृंगवेरपुर की खुदाई में पहली शताब्दी का बड़ी ईंटों से निर्मित तालाब मिला है। इसके अलावा राम शयन आश्रम में श्रीराम ने गंगा पार करने से पहले एक रात्रि विश्राम किया था और राम चौरा घाट से निषादराज ने उन्हें गंगा पार कराई थी।