पौराणिक कथाओं के अनुसार त्रेतायुग में भगवान विष्णु ने श्रीराम के रूप में अवतार लिया था। वहीं द्वापरयुग में मथुरा पर कंस का शासन था और विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया था।
कंस ने कृष्ण और बलराम को मथुरा में मल्लयुद्ध प्रतियोगिता में आमंत्रित किया था। इस यात्रा के दौरान कृष्ण और बलराम ने रास्ते में कुवलयापीड़ हाथी का वध किया था।
अखाड़े में पहुंचने के बाद कृष्ण और बलराम ने चाणूर और मुष्टिक योद्धाओं को पराजित किया था। इसके पश्चात अंततः श्रीकृष्ण ने कंस का वध किया था। इन कथाओं की ऐतिहासिक तिथियों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।









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