राजस्थान के स्कूलों में बच्चों को चीनी और जंक फूड के प्रति जागरूक करने के लिए शुगर बोर्ड लगाए जाएंगे। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में 21 अक्टूबर को सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
राज्य में टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों की संख्या दिसंबर 2025 में 1,700 थी, जो बढ़कर 2,817 हो गई है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने 2 जुलाई 2025 को स्कूलों में शुगर बोर्ड लगाने की सिफारिश की थी। इसके बाद राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने 1 अक्टूबर 2026 को अधिकारियों को पत्र भेजा था।
बढ़ते आंकड़े और डब्ल्यूएचओ सर्वे
विश्व स्वास्थ्य संगठन और स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार बच्चों के लिए एक दिन में 25 ग्राम यानी 5 से 6 चम्मच से ज्यादा एडेड शुगर खतरनाक हो सकती है। डब्ल्यूएचओ ने 2022 में जयपुर में 13 से 17 साल के 4,299 स्कूली बच्चों पर सर्वे किया था।
सर्वे के मुताबिक जयपुर के 35.7 प्रतिशत बच्चे रोजाना कम से कम एक बार मीठे पेय पदार्थ पीते थे। वहीं, 25.4 प्रतिशत बच्चे कुकीज, केक और पेस्ट्री जैसे मीठे खाद्य पदार्थ रोजाना खाते थे।









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