राजस्थान हाईकोर्ट ने पति की अपील को खारिज करते हुए अलवर फैमिली कोर्ट-2 द्वारा मंजूर तलाक की डिक्री को बरकरार रखा है। इस मामले में शादी 6 फरवरी 2010 को हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार हुई थी।
दंपति की दो बेटियां हैं जो फिलहाल पत्नी के साथ रह रही हैं। पति और पत्नी दोनों वर्ष 2018 से अलग-अलग रह रहे हैं।
अदालत ने माना मानसिक क्रूरता
अदालत ने सुनवाई के दौरान एटीएम कार्ड से जबरन पैसे निकालने और आरटीआई के जरिए निजी जानकारी मांगने की घटना को मानसिक क्रूरता माना है।
इसके अलावा, अदालत ने यह भी पाया कि पति ने सहकर्मियों के साथ अवैध संबंध होने के झूठे आरोप लगाए थे।









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