दिवाली के त्योहारी खर्चों के बाद वित्तीय स्थिति को दोबारा पटरी पर लाने के लिए फाइनेंशियल एक्सपर्ट और निक्सेपा कैपिटल के को-फाउंडर कुशाग्र मोहन ने उपयोगी सुझाव दिए हैं। उन्होंने खर्चों को नियंत्रित करने के लिए 7 दिन के मनी डिटॉक्स प्लान और लोकप्रिय 50:30:20 बजट नियम अपनाने की सलाह दी है।

मनी डिटॉक्स प्लान के तहत खर्चों पर ब्रेक लगाने, वित्तीय ऑडिट करने और बचत को ऑटोमेट करने जैसे कदम शामिल हैं। इसमें खर्चों का सही हिसाब लगाने के साथ ही गैर-जरूरी सब्सक्रिप्शन बंद करने की प्रक्रिया भी बताई गई है, जिससे अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाई जा सके।

बजट नियम और उदाहरण

बजट प्रबंधन के लिए 50:30:20 नियम के तहत सैलरी को तीन हिस्सों में बांटा जाता है। उदाहरण के लिए तीस हजार रुपये की सैलरी पर पंद्रह हजार रुपये जरूरतों के लिए, नौ हजार रुपये इच्छाओं के लिए और छह हजार रुपये बचत व निवेश के लिए रखे जा सकते हैं।

इसके अलावा आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी फंड में तीन से छह महीने के जरूरी खर्च के बराबर रकम सुरक्षित रखने का लक्ष्य तय करने की बात कही गई है।