गाजियाबाद के फाइनेंशियल एडवाइजर जितेंद्र सोलंकी ने दिवाली पर मिलने वाले बोनस के वित्तीय प्रबंधन को लेकर सलाह दी है। बोनस को विंडफॉल इनकम कहा जाता है, जो नियमित मासिक आय के अलावा मिलती है।

नौकरीपेशा व्यक्ति को कंपनी से मिलने वाला बोनस सैलरी की इनकम में शामिल होता है और टैक्स के दायरे में आता है। बोनस पर टैक्स की गणना कुल सालाना टैक्सेबल इनकम और लागू टैक्स व्यवस्था पर निर्भर करती है।

बोनस आवंटन और बजट नियम

बोनस आवंटन के लिए 70:20:10 जैसे बजट नियमों का उपयोग किया जा सकता है। इसके तहत बीस हजार रुपये के बोनस का उदाहरण देते हुए पंद्रह हजार रुपये इमरजेंसी फंड, तीन हजार रुपये लंबी अवधि के निवेश और दो हजार रुपये त्योहार के खर्च के लिए सुझाए गए हैं। हालांकि, बोनस खर्च करने का कोई तय या अनिवार्य नियम नहीं है।