चुनाव आयोग ने दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नगालैंड में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान छूटे मतदाताओं को नाम जुड़वाने का मौका दिया है। यह विशेष अवसर उन मतदाताओं के लिए है जिन्हें एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड और डुप्लिकेट श्रेणी में रखा गया था।

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटे थे नाम

दिल्ली में एसआईआर से पहले करीब 1.45 करोड़ मतदाता थे, जबकि 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में लगभग 97.53 लाख नाम ही शामिल किए गए थे। इस प्रक्रिया के दौरान ड्राफ्ट लिस्ट से लगभग 47.57 लाख नाम बाहर हो गए थे, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने 29 अक्टूबर को जल्दबाजी पर सवाल उठाया था।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर में नाम कटने के बाद दोबारा नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 में 2003 की वोटर लिस्ट की जानकारी नहीं देनी होगी। हालांकि, जो लोग पहले कभी वोटर लिस्ट में थे ही नहीं, उन्हें इस प्रक्रिया का फायदा नहीं मिलेगा।