दिल्ली में 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक बीएस-6 मानक से नीचे के बाहरी राज्यों में रजिस्टर्ड वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित रहेगी। इस प्रतिबंध से राजस्थान समेत अन्य बाहरी राज्यों के बीएस-4 और उससे नीचे के वाहन प्रभावित होंगे। हालांकि, दिल्ली में सीएनजी, इलेक्ट्रिक वाहन, बीएस-6 मानक वाले वाहन और इमरजेंसी सेवाओं से जुड़े वाहनों को प्रवेश में छूट दी गई है।
बॉर्डर पर हाईटेक कैमरे और वाहनों पर असर
दिल्ली बॉर्डर पर एएनपीआर यानी हाईटेक कैमरे लगाए गए हैं, जो वाहनों की नंबर प्लेट से उनके बीएस मानक की जांच करेंगे। अप्रैल 2017 से मार्च 2020 के बीच अकेले राजस्थान में लगभग 42 लाख बीएस-4 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ था। लॉजिस्टिक्स एंड ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन - राजस्थान के स्टेट प्रेसिडेंट अनिल आनंद के अनुसार, इस फैसले से करीब डेढ़ लाख से अधिक ट्रक व दूसरे वाहनों को परेशानी होगी।
इसके अलावा, दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' नीति लागू है। इसके तहत वैध प्रदूषण सर्टिफिकेट न होने पर ईंधन नहीं दिया जाएगा और 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। नियम लागू होने के बाद जमीनी स्तर पर ट्रैफिक प्रबंधन और रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों की वास्तविक संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।









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