योगवाशिष्ठ ग्रंथ के प्रसंगों में वशिष्ठ और काक भुशुण्डि के संवाद का वर्णन मिलता है। इस ग्रंथ में कुल 32 हजार श्लोक हैं, जबकि रामायण में 24 हजार श्लोक बताए गए हैं। योगवाशिष्ठ ग्रंथ छह अलग-अलग प्रकरणों में विभाजित है।

ग्रंथ की संरचना और ऐतिहासिक सत्यता

पौराणिक कथाओं में वर्णित इन घटनाओं की ऐतिहासिक सत्यता का कोई स्वतंत्र प्रमाण नहीं है।

ग्रंथ के अनुसार, काक भुशुण्डि ने सुमेरु पर्वत शिखर पर स्थित कल्पवृक्ष पर निवास किया था। इसमें ब्रह्माजी के एक दिन की अवधि एक हजार चार युगों यानी लगभग 4 अरब 32 करोड़ मानव वर्षों के बराबर बताई गई है।