रूस-यूक्रेन जंग पांचवें साल में जारी है। इस दौरान यूक्रेनी सैनिकों द्वारा पुरानी गैस पाइपलाइनों को भूमिगत रास्तों के रूप में उपयोग किए जाने का मामला सामने आया है।
कुपियांस्क इलाके में पुरानी गैस पाइपलाइनों का 129 किलोमीटर लंबा नेटवर्क है। यूक्रेनी सैनिक रूसी ड्रोन हमलों से बचने के लिए इन गैस पाइपलाइनों के अंदर छिपकर रह रहे हैं।
पाइपलाइनों के जरिए होती है रसद आपूर्ति
इन पाइपलाइनों के जरिए सैनिकों तक खाना और गोला-बारूद छोटी इलेक्ट्रिक गाड़ियों से पहुंचाया जाता है। हालांकि, पाइपलाइनों के अंदर सैनिकों की सटीक संख्या और उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दीर्घकालिक प्रभाव की पूरी जानकारी स्पष्ट नहीं है।
दूसरी ओर, अमेरिका ने यूक्रेन को 500 पैट्रियट मिसाइलें बेचने की मंजूरी दी है। इस रक्षा सौदे की कीमत करीब 19 हजार करोड़ रुपए है।









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