पोलैंड में प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जे का आरोप लगा है। इसी बीच देश में राजनीतिक संकट गहरा गया है और अदालतों की नियुक्तियों को लेकर विवाद बढ़ गया है।
संवैधानिक ट्रिब्यूनल की एक जज अन्ना कोर्विन-पियोत्रोव्स्का ने ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष बोगदान श्विएंत्सकोव्स्की और उपाध्यक्ष बार्तलोमिए सोचान्स्की को एक महीने के लिए निलंबित कर दिया है। निलंबन के बाद उन्होंने खुद संवैधानिक ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल ली है।
राष्ट्रपति की देश वापसी और आरोप
इस बीच राष्ट्रपति कारोल नावरोत्स्की सेनेगल यात्रा के बीच रास्ते से वापस देश लौट आए हैं। विपक्ष और राष्ट्रपति ने सरकार पर तख्तापलट की कोशिश का आरोप लगाया है।
संसद ने इस साल मार्च में संवैधानिक ट्रिब्यूनल के लिए छह नए जज चुने थे, जिनमें से राष्ट्रपति ने केवल दो को ही शपथ दिलाई थी। विपक्ष का दावा है कि अन्ना कोर्विन-पियोत्रोव्स्का को ट्रिब्यूनल का नेतृत्व करने का अधिकार नहीं है।









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