पाकिस्तान की विभिन्न जेलों में इस समय कुल 198 भारतीय मछुआरे बंद हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इन कैदियों में से 126 मछुआरे गुजरात राज्य से संबंधित हैं।

इन मछुआरों की गिरफ्तारी से जुड़े मामलों में भरत सोलंकी का मामला भी शामिल है, जिन्हें 14 जनवरी 2022 को पाकिस्तान की फौज ने गिरफ्तार किया था। हालांकि, गिरफ्तार किए गए इन मछुआरों की रिहाई की कोई निश्चित समय-सीमा अभी निर्धारित नहीं की गई है और न ही उनकी वर्तमान शारीरिक स्थिति की आधिकारिक पुष्टि है।

मछुआरों की मौत और मुआवजा

वर्ष 2017 से लेकर अब तक पाकिस्तान की जेलों में कुल 22 भारतीय मछुआरों की मौत हो चुकी है। जेल में मछुआरे की मृत्यु होने की स्थिति में मृतक के परिवार को भारत सरकार की ओर से 5 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाता है।

इसके अलावा, पाकिस्तानी जेलों में बंद इन मछुआरों के परिवारों को जीवनयापन के लिए भारत सरकार द्वारा हर महीने 9 हजार रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।