आदिवासी नेत्री निशा भगत की खुदकुशी मामले की जांच के लिए पुलिस ने एसआईटी का गठन किया है। यह कदम ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी के निर्देश पर उठाया गया है। जांच निष्पक्ष रखने के लिए पिठौरिया थानेदार सतीश कुमार को जांच से अलग रखा गया है।
निशा भगत की खुदकुशी की घटना छह नवंबर 2026 को हुई थी। इस मामले में मृतका के पिता हंदू भगत ने एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने अजय तिर्की, ज्योत्सना केरकेट्टा और जमीन दलालों पर निशा को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
गुमला में हुआ अंतिम संस्कार
दूसरी ओर, निशा भगत का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव गुमला के उरू बारडीह में किया गया। इस दौरान अंतिम संस्कार में बाबूलाल मरांडी, रघुवर दास और मधु कोड़ा शामिल हुए।









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