झारखंड हाईकोर्ट ने जेएसएससी सीजीएल भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को बड़ा झटका देते हुए 18 अगस्त 2026 की अधिसूचना को खारिज कर दिया है। न्यायाधीश जस्टिस दीपक रोशन ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि अदालत के पास व्यापक संस्थागत गड़बड़ी साबित करने वाली कोई अंतिम जांच रिपोर्ट या ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं था।
अदालत के इस निर्णय के बाद विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत पहले से नियुक्त 1932 पदाधिकारी अपने पदों पर बने रहेंगे। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इन सभी नियुक्त पदाधिकारियों की सेवा में किसी प्रकार का ब्रेक नहीं माना जाएगा और इन्हें सभी वित्तीय व परिणामी लाभ भी प्राप्त होंगे।
1932 पदाधिकारी अपने पदों पर रहेंगे
हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये सभी नियुक्तियां सीआईडी-एसआईटी जांच और लंबित आपराधिक मामलों के अंतिम परिणाम के अधीन रहेंगी। इसके साथ ही, जांच में दोषी पाए जाने वाले विशिष्ट अभ्यर्थियों के खिलाफ अलग से कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी।









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