जयपुर के 300 साल पुराने परकोटा इलाके में पुरानी हवेलियों और मकानों की तुड़ाई के दौरान जमीन में खजाना मिलने की उम्मीद में लोग सावधानीपूर्वक खुदाई करवा रहे हैं। एक हवेली की खुदाई में चांदी की सिल्ली और पुराने सिक्के मिलने के बाद लोगों में जमीन के नीचे सोना-चांदी दबे होने की उम्मीद जगी है।
मकान मालिक मकान बेचने से पहले खुद की निगरानी और सीसीटीवी से मॉनिटरिंग करवाकर मकान तुड़वा रहे हैं। डिमोलिशन के लिए जेसीबी के बजाय मजदूरों से एक-एक दीवार, पत्थर और ईंट निकलवाई जा रही है। इसके कारण 10 दिन में पूरा होने वाला काम अब एक महीने से ज्यादा समय ले रहा है।
पुलिस कार्रवाई और चांदी की बरामदगी
इससे पहले माणक चौक थाना इलाके में 250 साल पुरानी बंबई वालों की हवेली की दीवार से तिजोरी और चांदी की सिल्लियां निकलने की एफआईआर दर्ज हुई थी। डीसीपी नॉर्थ करन शर्मा के अनुसार पुलिस ने महेश उर्फ छोटू खटीक सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चांदी की सिल्लियां रिकवर की हैं।
इस मामले में 'इंडियन ट्रेजर ट्रोव एक्ट, 1878' और 'इंडियन ट्रेजर ट्रोव रूल्स 1961' के प्रावधान लागू होते हैं। हालांकि, अन्य मकानों या हवेलियों के नीचे वास्तव में खजाना दबा होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।









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