जैन ग्रंथ पउमचरिय यानी पद्मचरित की रचना जैन आचार्य विमलसूरि जी ने लगभग तीसरी से चौथी सदी में की थी। इस ग्रंथ के अनुसार राजा जनक की पत्नी विदेही ने जुड़वां बच्चों भामंडल और सीता को जन्म दिया था।

ग्रंथ में रावण की मृत्यु को लेकर एक भविष्यवाणी का जिक्र है। इसके अनुसार ज्योतिषाचार्य ने रावण को बताया था कि भविष्य में राम और जानकी के हाथों उसकी मृत्यु होगी।

रावण की मृत्यु और अन्य प्रसंग

कथा के अन्य प्रसंगों के अनुसार विभीषण ने दशरथ की एक मूर्ति का सिर अपनी तलवार से काट दिया था। वहीं ग्रंथ के अनुसार सीताजी ने अग्निपरीक्षा के बाद दीक्षा ग्रहण की थी।

हालांकि इन सभी घटनाओं और कथा प्रसंगों की ऐतिहासिक सत्यता का कोई स्वतंत्र प्रमाण नहीं है।