अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय कंसल्टेंसी कंपनियों और कंटेंट क्रिएटर्स पर अमेरिका, केन्या और अन्य देशों के चुनावों में फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और भुगतान के जरिए दुष्प्रचार करने का आरोप लगा है।

अमरीकी और केन्याई चुनावों में दखल

अमेरिका के मिशिगन में डेमोक्रेटिक पार्टी की सीनेट प्राइमरी में हेली स्टीवंस के समर्थन में कम से कम 28 अकाउंट्स से वीडियो शेयर किए गए, जिनमें से 15 अकाउंट भारत से ऑपरेट हो रहे थे। एंटीबॉट4नवाल्नी समूह और क्लेमसन यूनिवर्सिटी के मीडिया फॉरेंसिक हब के शोधकर्ताओं ने इन भारतीय अकाउंट्स के इस्तेमाल की पुष्टि की है।

अहमदाबाद के 22 वर्षीय कंटेंट क्रिएटर राजन कुमार ने 2022 के केन्याई राष्ट्रपति चुनाव में विलियम रुटो के समर्थन में पोस्ट बनाने के बदले प्रतिदिन 7 डॉलर यानी लगभग 600 रुपए प्राप्त किए। जुलाई 2022 में केन्या में रुटो के अभियान से जुड़े दो भारतीय कंसल्टेंट्स जुल्फिकार अहमद खान और मोहम्मद जैद सामी किदवई के लापता होने के बाद अक्टूबर में उनके शव बरामद हुए थे।

हवाला चैनलों के जरिए वित्तीय लेनदेन

रिपोर्ट के अनुसार भारतीय कंसल्टेंट्स अमेरिका और अफ्रीका के अलावा जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, नेपाल और श्रीलंका के चुनावों में भी सक्रिय रहे हैं। पैसे के लेन-देन को छिपाने के लिए विदेशी कंपनियों के जरिए कागजी नौकरियां और हवाला चैनलों का इस्तेमाल किया जाता है। कंसल्टेंट्स और क्रिएटर्स द्वारा किए गए सभी दावों की स्वतंत्र न्यायिक पुष्टि होना अभी बाकी है।