दिवाली का पर्व 8 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस अवसर पर घरों में कई पारंपरिक अनुष्ठान और सजावट की जाती हैं, जो सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखती हैं।

मुख्य द्वार पर आम के पत्तों और गेंदे के फूलों से तोरण लगाने की परंपरा है। इसके साथ ही प्रवेश द्वार पर रंगोली या मांडना बनाया जाता है और जल से भरा कलश रखा जाता है।

द्वार सजावट और पूजन परंपराएं

दीपावली पर मुख्य द्वार से पूजा स्थल तक महालक्ष्मी के पदचिह्न बनाए जाते हैं। पूजा के दौरान देवी लक्ष्मी को खील-बताशे का प्रसाद चढ़ाया जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कमल, पारिजात, गुड़हल, मल्लिका, कमलिनी, मालती और गेंदा महालक्ष्मी के प्रिय फूल माने गए हैं।