चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर के भवन निर्माण नियमों में बड़े संशोधन करने का निर्णय लिया है। इसके तहत नया प्रस्ताव मंजूरी के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा गया है।

औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों के लिए बदलाव

प्रस्ताव के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 और फेज-2 में दो कनाल तक के प्लॉटों के लिए एफएआर 2.0 और 60 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज की सिफारिश की गई है। इसके अलावा फेज-3 में ग्रुप हाउसिंग के लिए अधिकतम एफएआर 3.0 और 30 मीटर ऊंचाई तय करने का सुझाव है।

मालोया के पास पॉकेट-7 की लगभग 178 एकड़ जमीन पर ऊंची आवासीय इमारतें बनाने की योजना है। साथ ही सेक्टर-43 के सब-सिटी सेंटर और औद्योगिक क्षेत्र फेज-3 की जमीन को मिश्रित भूमि उपयोग में शामिल करने की सिफारिश की गई है।

सारंगपुर के संस्थागत क्षेत्र व एजुकेशन सिटी के लिए ग्राउंड कवरेज 40 प्रतिशत और एफएआर 2.5 करने का प्रस्ताव है। इस पर अंतिम निर्णय केंद्रीय गृह मंत्रालय की स्वीकृति मिलने के बाद ही लागू होगा।