भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सैटेलाइट आधारित डायरेक्ट-टू-डिवाइस (D2D) सर्विस को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही नियामक ने इस नई तकनीक के लिए नए नियमों की सिफारिश की है।
इस सेवा के तहत कंपनियों को 20 साल के लिए लाइसेंस अवधि दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इस व्यवस्था में जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया के अलावा स्टारलिंक और यूटेलसैट वनवेब जैसी कंपनियां शामिल हैं।
सेवा के फायदे और शर्तें
इस तकनीक के उपयोग से मोबाइल टावर न होने पर भी पहाड़ों, जंगलों और आपदा के समय आसानी से नेटवर्क मिल सकेगा। हालांकि, लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम आवंटन की अंतिम शर्तें अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं।









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