सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर व्यक्ति अधिकारों का संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 7 और नियम 7 को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया है। इस मामले में याचिकाकर्ता संगठन विमेंस डिक्लेरेशन इंटरनेशनल इंडिया है, जिसकी ओर से सीनियर एडवोकेट अमित सिबल अदालत में पेश हुए।

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि मुख्य याचिकाओं के इस समूह में जवाब तैयार किया जा रहा है।

जनगणना और सरकारी आंकड़े

बता दें कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार अन्य जेंडर कैटेगरी में दर्ज लोगों की कुल संख्या 4.87 लाख थी। हालांकि, सर्जरी के बाद सरकारी दस्तावेजों में महिला दर्ज कराने वाले लोगों की सटीक संख्या का कोई सार्वजनिक सरकारी आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।