सुप्रीम कोर्ट ने देश में डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता जताई है। अदालत ने इस तरह की घटनाओं को डिजिटल डकैती बताया है।
वर्ष 2026 में देश भर में डिजिटल अरेस्ट के 22 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में साइबर अपराधियों ने 800 करोड़ रुपए से अधिक की रकम ठगी है।
पिछले साल के आंकड़े
इससे पहले वर्ष 2025 में डिजिटल अरेस्ट के 58,239 केस सामने आए थे। उस वर्ष अपराधियों ने लगभग 1211 करोड़ रुपए की ठगी की थी।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय रिजर्व बैंक से प्रस्तावित केवाईसी संशोधन निर्देश, 2026 की समीक्षा करने के लिए कहा है।









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