पंचकूला स्थित हरियाणा के विशेष एनआईए न्यायालय ने 31 अक्टूबर को परमिंदर सिंह की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। विशेष न्यायाधीश विजयंत सहगल ने यूएपीए के प्रावधानों और साक्ष्यों का हवाला देते हुए यह आदेश दिया।
मामले के अनुसार 5 मई 2022 को मधुबन थाना पुलिस ने बसताड़ा टोल प्लाजा पर एक इनोवा गाड़ी से तीन आईईडी, दो मैगजीन, 31 जिंदा कारतूस, छह मोबाइल फोन और 1.30 लाख रुपए नकद बरामद किए थे। पुलिस ने मौके से परमिंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, अमनदीप सिंह और भूपिंदर सिंह को गिरफ्तार किया था।
टोल प्लाजा पर हुई थी हथियारों की बरामदगी
केंद्रीय गृह मंत्रालय के 24 मई 2022 के आदेश के बाद एनआईए ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। जांच एजेंसी के अनुसार आरोपी पाकिस्तान स्थित आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा और प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े हैं।
अदालत ने 30 जनवरी 2024 को परमिंदर के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। मुकदमे के कुल 164 गवाहों में से अब तक 72 महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है।









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