मेडिकल डिवाइस के इस्तेमाल से होने वाले गंभीर नुकसान के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। आरटीआई के जरिए सामने आए नए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020 में जहां ऐसे 808 मामले दर्ज किए गए थे, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 2,176 हो गई है।
वर्ष 2020 से अब तक देश में मेडिकल डिवाइस से जुड़े गंभीर नुकसान के कुल 9,373 मामले सामने आ चुके हैं। यह जानकारी सेंट्रल इन्फॉर्मेशन कमीशन के आदेश के बाद इंडियन फार्माकोपिया कमीशन द्वारा उपलब्ध कराई गई है।
इंडियन फार्माकोपिया कमीशन देशभर में बने 775 निगरानी केंद्रों के माध्यम से प्रतिकूल घटनाओं की जानकारी जुटाने का काम करता है।
प्रतिकूल घटनाओं के आंकड़े और निगरानी
वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान मेडिकल डिवाइस से जुड़ी कुल 14,584 प्रतिकूल घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें से 22 मामलों को सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन यानी सीडीएससीओ के पास भेजा गया।
हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये प्रतिकूल घटनाएं उपकरण में किसी खामੀ की वजह से हुईं या किसी चिकित्सीय प्रक्रिया में हुई चूक के कारण। इसके अलावा, इंडियन फार्माकोपिया कमीशन ने मेडिकल डिवाइस बनाने वाली कंपनियों के नाम और उपकरणों की श्रेणी का खुलासा करने से इनकार कर दिया है।







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