पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने टीचर मनीषा डेथ केस में बड़ा आदेश देते हुए डीएसपी और लेडी ASI की भूमिका को संदिग्ध माना है। अदालत ने डीएसपी संजीव कुमार और एएसआई शकुंतला के नार्को टेस्ट, ब्रेन फिंगर प्रिंटिंग और बीईओएस टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं।

सीबीआई कोर्ट ने मनीषा की मौत को आत्महत्या बताने वाली अंतिम रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। एसआईटी हेड संजीव कुमार पर अवैध रूप से आइडियल नर्सिंग कॉलेज से सीसीटीवी की डीवीआर अपने कब्जे में लेने का आरोप है। घटना के समय मृतका मनीषा के पिता संजय ने लेडी ASI से कॉलेज कैंपस की तलाशी लेने का अनुरोध किया था।

फोरेंसिक टेस्ट और अगली सुनवाई

मामले की जांच के तहत मनीषा की 12वीं कक्षा की कॉपी की हैंडराइटिंग और सुसाइड नोट का तीन विशेषज्ञों का बोर्ड फोरेंसिक टेस्ट करेगा। इस मामले की अगली सुनवाई 23 दिसंबर को तय की गई है, जिसमें सीबीआई को अपनी प्रगति रिपोर्ट पेश करनी होगी।