छत्तीसगढ़ में सरकार के कर्ज को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने राज्य की वित्तीय स्थिति और लिए गए ऋण पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस के आरोप और नीति आयोग की रिपोर्ट
कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत के अनुसार, वर्तमान सरकार ने ढाई साल के कार्यकाल में करीब 1.90 लाख करोड़ रुपए का कर्ज लिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार इस ऋण पर हर साल लगभग 9 हजार करोड़ रुपए का ब्याज चुका रही है।
कांग्रेस की ओर से नीति आयोग की वित्तीय स्वास्थ्य सूचकांक रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। इसके मुताबिक, इस सूचकांक में छत्तीसगढ़ को 18 राज्यों की सूची में 17वें स्थान पर रखा गया है।
भाजपा का पलटवार और सरकारी योजनाओं के आंकड़े
दूसरी ओर, भाजपा ने इन आरोपों का खंडन करते हुए अपने आंकड़े रखे हैं। भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने स्पष्ट किया कि सरकार ने बीते तीन साल में केवल 49,279 करोड़ रुपए का शुद्ध कर्ज लिया है।
भाजपा ने अपनी कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं के खातों में 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि पहुंच चुकी है। इसके अलावा, तीन साल से कम समय में किसानों के खातों में 1.50 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा डाले गए हैं।









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