कोडरमा जिले के सतगावां प्रखंड स्थित पहलवान आश्रम में ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं। राष्ट्रीय झारखंड सेवा संस्थान के बैनर तले आसपास के गांवों की करीब 15 युवतियां और महिलाएं गाय के गोबर से दीये, मूर्तियां, धूप कप और अन्य सजावटी सामान तैयार कर रही हैं।
दीपावली के त्योहारी सीजन को देखते हुए इन उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है। संस्थान के सचिव मनोज दांगी के अनुसार इस पहल से महिलाओं को रोजगार मिल रहा है।
झारखंड और बिहार के बाजारों में मांग
पूनम देवी ने बताया कि इस काम से महिलाओं को प्रति माह 15 हजार रुपए तक की कमाई हो रही है। इन ईको-फ्रेंडली उत्पादों की मांग झारखंड और बिहार के कई जिलों तक पहुंच रही है।









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