रॉयटर्स की जांच रिपोर्ट के सामने आने के बाद ईरान द्वारा सैन्य सामान की खरीद को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने 5000 से ज्यादा फर्जी सरकारी एजेंसियों का नेटवर्क तैयार किया था।
यह पूरा नेटवर्क ईरान के रक्षा मंत्रालय और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़ा हुआ था। इन फर्जी एजेंसियों के नाम MOD से शुरू होते थे और उनके आगे 5 या 6 अंकों का नंबर होता था।
रक्षा मंत्रालय और IRGC से जुड़ा नेटवर्क
जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच इस नेटवर्क के जरिए करीब 2 लाख करोड़ रुपए का सैन्य सामान खरीदा गया। इस दौरान रूस से 76 लाख डॉलर के डेटोनेटर पांच खेप में पहुंचे और आखिरी खेप जून में आई।
इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात से भी 2.7 करोड़ डॉलर का सामान इस नेटवर्क के जरिए आया, जिसकी सबसे नई खेप जून के महीने में पहुंची थी।









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