हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की सीनियोरिटी और प्रमोशन की नए सिरे से समीक्षा शुरू हो गई है। मुख्य सचिव ने 06 नवंबर 2026 को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए हैं।

यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य सरकार की एसएलपी और रिव्यू पिटीशन खारिज किए जाने के बाद उठाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने 29 जुलाई 2026 को एसएलपी खारिज करते हुए फैसले के अमल के लिए चार महीने का समय दिया था। वहीं, राज्य सरकार की रिव्यू पिटीशन 27 अक्टूबर को खारिज हुई थी। इससे पहले हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 25 अप्रैल 2026 को देवेंद्र कुमार एवं अन्य बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार मामले में अधिनियम, 2024 को रद्द किया था।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रक्रिया तेज

जारी निर्देशों के अनुसार, अनुबंध सेवा सीनियोरिटी में जुड़ने के बाद कर्मचारियों का प्रमोशन क्रम बदलेगा। संबंधित विभागों को अस्थायी वरिष्ठता सूची तैयार करने और रिव्यू डीपीसी या फ्रेश डीपीसी आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया के तहत अतिरिक्त सुपरन्यूमरेरी पद सृजित नहीं किए जाएंगे। हाईकोर्ट का फैसला किन विशिष्ट कर्मचारियों पर लागू होता है, इसकी जांच विभाग करेंगे और हर अनुबंध कर्मचारी को अपने आप वरिष्ठता का लाभ नहीं मिलेगा, जो नियुक्ति की प्रकृति और नियमों पर निर्भर करेगा।