केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने अपने प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए 56 साल पुराने टेरिटोरियल कमांड मॉडल को खत्म कर दिया है। इसके स्थान पर फोर्स ने नया फंक्शनल सेक्टर मॉडल अपनाया है।
11 सेक्टरों का हुआ गठन
बिजली, कोयला, स्टील, पेट्रोलियम, नैचुरल गैस यूनिट, सरकारी इमारतें, संग्रहालय, स्मारक, समुद्री बंदरगाह और दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा के लिए कुल 11 सेक्टर बनाए गए हैं। इसके अलावा, मुंबई मुख्यालय वाले वेस्टर्न सेक्टर का नाम बदलकर वेस्ट कोस्ट पोर्ट सेक्टर और चेन्नई स्थित सदर्न सेक्टर का नाम ईस्ट कोस्ट पोर्ट सेक्टर किया गया है।
वर्ष 2025 में केंद्र सरकार ने सीआईएसएफ को समुद्री बंदरगाहों की सुरक्षा के लिए नोडल बल बनाया था। वर्ष 1969 में गठित इस बल में वर्तमान में करीब 2.70 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं।









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