अमेरिका और ईरान के बीच संभावित सैन्य संघर्ष को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी सेना राष्ट्रपति ट्रम्प का आदेश मिलने पर 96 घंटे के भीतर मिलिट्री ऑपरेशन शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका ईरान के पास न्यूक्लियर वेपन न होने देने के लिए अपने सभी विकल्प खुले रखे हुए है।
इससे पहले ट्रम्प ने आठ अक्टूबर को यह बयान दिया था कि मिडटर्म चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं किया जाएगा। वहीं, अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी के प्रवक्ता हुसैन मोहेबी का कहना है कि ईरान के पास जून 2025 के मुकाबले डेढ़ गुना मिसाइल भंडार जमा हो चुका है।
ईरान का मिसाइल भंडार और नाकेबंदी
दूसरी ओर, अमेरिका ने जुलाई 2025 से ईरानी बंदरगाहों पर सख्त नाकेबंदी लागू कर रखी है। इस नाकेबंदी के कारण ईरान को अब तक लगभग 25 बिलियन डॉलर का भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।









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