विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया के बाद देश के कई बड़े रेड लाइट क्षेत्रों में मतदाता सूची से सेक्स वर्कर्स के नाम हटने का मामला सामने आया है। दिल्ली के जीबी रोड स्थित अजमेरी गेट नंबर-7 पोलिंग स्टेशन पर पिछले साल जहां 1,350 वोटर थे, वहीं अब यह संख्या घटकर मात्र 182 रह गई है। यहाँ करीब 90 प्रतिशत सेक्स वर्कर्स के नाम मतदाता सूची से काटे जा चुके हैं।
इसी तरह कोलकाता के सोनागाछी रेड लाइट एरिया में रहने वाले लगभग 4,200 लोगों में से 1,300 लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। मटिया महल विधानसभा क्षेत्र के असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अफसर प्रदीप कुमार के अनुसार, सेक्स वर्कर्स के नाम दोबारा जोड़ने के लिए इलाके में कई कैंप लगाने के साथ ही जागरूकता पोस्टर भी लगाए गए थे।
दूसरी ओर, मुंबई के कमाठीपुरा रेड लाइट एरिया में पाँच हजार से अधिक सेक्स वर्कर्स निवास करती हैं, जहाँ 31 अगस्त को पहली ड्राफ्ट लिस्ट जारी की गई थी। हालांकि, इस पहली सूची में कितने नाम काटे गए हैं, इसको लेकर अभी तक कोई स्पष्ट आधिकारिक आंकड़े सामने नहीं आए हैं।
प्रशासनिक प्रयासों के बावजूद सेक्स वर्कर्स के समक्ष वोटर लिस्ट में अपना नाम बरकरार रखने के लिए पुराने पते और पैतृक दस्तावेजों की उपलब्धता को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दस्तावेजों की कमी के कारण भविष्य में उनके मताधिकार को लेकर अनिश्चितता और बढ़ सकती है।










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