इजराइल में आगामी 27 अक्टूबर 2026 को संसदीय चुनाव के लिए मतदान होना तय किया गया है। चुनाव से ठीक पहले, 24 अक्टूबर 2026 की रात को तेल अवीव की सड़कों पर बड़ी संख्या में लोगों ने इकट्ठा होकर सत्ता में बदलाव की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

चैनल 13 द्वारा जारी किए गए एक हालिया सर्वे के अनुसार, बेंजामिन नेतन्याहू के विरोधियों को 54 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं, नेतन्याहू के समर्थक दलों को 50 सीटें और अरब पार्टियों के खाते में 16 सीटें जाने की संभावना जताई गई है।

इजराइल की राजनीति में महत्वपूर्ण माने जाने वाले इन आंकड़ों के बीच स्पष्ट बहुमत पर संशय है। संसद में किसी भी दल या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए न्यूनतम 61 सीटों की आवश्यकता होती है, जिसे लेकर वर्तमान में स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।

देश की कुल आबादी में अरब नागरिकों की हिस्सेदारी लगभग 18 प्रतिशत है, जबकि अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स यहूदी लगभग 10 प्रतिशत हैं। इजराइल की संसद में प्रवेश पाने के लिए किसी भी दल को कम से कम 3.25 प्रतिशत वोट हासिल करना अनिवार्य होता है।

उल्लेखनीय है कि 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास के हमलों में 1200 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। इसके अलावा, बेंजामिन नेतन्याहू अब तक करीब 19 साल तक इजराइल के प्रधानमंत्री के पद पर रह चुके हैं।