दिवाली के दौरान हुए खर्चों के बाद वित्तीय प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए वित्तीय विशेषज्ञों ने सलाह दी है। निक्सेपा कैपिटल लखनऊ के को-फाउंडर और फाइनेंशियल एक्सपर्ट कुशाग्र मोहन के अनुसार, मनी डिटॉक्स का अर्थ आर्थिक आदतों की समीक्षा करना और पैसों के इस्तेमाल को बेहतर बनाना है।

7 दिन का मनी डिटॉक्स प्लान और बजट नियम

7 दिन के इस मनी डिटॉक्स प्लान में मुख्य रूप से खर्चों का हिसाब लगाना और बचत को ऑटोमेट करना शामिल है। विशेषज्ञ ने वित्तीय संतुलन के लिए 50:30:20 के बजट नियम का सुझाव दिया है, जिसके तहत मासिक आय को जरूरतों, इच्छाओं और बचत के लिए बांटा जाता है।

इस नियम के उदाहरण के तौर पर, 30,000 रुपये की मासिक सैलरी पर 15,000 रुपये जरूरतों के लिए, 9,000 रुपये इच्छाओं के लिए और 6,000 रुपये बचत व निवेश के लिए सुझाए गए हैं। इसके अलावा, आपात स्थिति के लिए इमरजेंसी फंड में 3 से 6 महीने के जरूरी खर्चों के बराबर रकम रखने का लक्ष्य होना चाहिए।