इंडोनेशिया के कालिमंतान, पापुआ और सुमात्रा के जंगलों में आग लगने से उठे धुएं का असर पड़ोसी देशों पर दिखने लगा है। 3 नवंबर 2026 को सामने आए इस घटनाक्रम के कारण मलेशिया के कुछ इलाकों में स्कूल बंद करने पड़े हैं, जबकि सिंगापुर ने स्थिति से निपटने के लिए राहत केंद्र बनाए हैं।

इस स्थिति के बीच क्षेत्र में कूटनीतिक और आर्थिक तनाव भी गहरा गया है। मलेशियाई लोगों ने इंडोनेशियाई उत्पादों का बहिष्कार करना शुरू कर दिया है, और सिंगापुर ने आग से जुड़ी कंपनियों की जांच शुरू कर दी है।

गैस निर्यात में कटौती और उत्पादों का बहिष्कार

दूसरी ओर, इंडोनेशिया ने सिंगापुर को गैस का निर्यात घटाने का ऐलान किया है। सिंगापुर के अनुसार गैस सप्लाई में कटौती उसकी कुल रोजाना जरूरत के 2% से कम है। हालांकि, इंडोनेशिया द्वारा गैस सप्लाई घटाने का मुख्य कारण ऊर्जा की घरेलू जरूरत है या कूटनीतिक तनाव, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

जंगलों की आग की स्थिति को लेकर भी मतभेद बने हुए हैं। जंगलों की आग पर इंसानों का नियंत्रण है या नहीं, इस पर इंडोनेशियाई अधिकारियों और पड़ोसी देशों के बीच अलग-अलग राय सामने आई है।