अक्टूबर 2026 में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा हरिद्वार में गंगनहर की वार्षिक बंदी के बाद सफाई और मरम्मत का कार्य शुरू किया गया है। गंगनहर का पानी बंद होने के बाद इसकी सूखी तलहटी में लोगों की गतिविधियां बढ़ गई हैं।

पंडित जयराम सिंह के अनुसार, श्रद्धालु अपनी आस्था के तहत पवित्र नदी में सिक्के और अन्य धातु की वस्तुएं प्रवाहित करते हैं। यही कारण है कि नहर के सूखने के बाद तलहटी में इन वस्तुओं को ढूंढने का सिलसिला शुरू हो जाता है।

बठिंडा के रहने वाले चना सिंह हर साल गंगा बंदी के समय विशेष रूप से हरिद्वार पहुंचते हैं और तलहटी में कीमती वस्तुएं तलाशते हैं। वहीं, साधु राम बाबा ने बताया कि उन्हें तलहटी से सोने जैसी एक धातु की वस्तु मिली थी, जिसे बेचने पर उन्हें करीब 300 रुपये प्राप्त हुए।

हालांकि, प्रशासन या विशेषज्ञों की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि तलहटी में हर दिन कीमती वस्तुएं मिलने की कोई निश्चितता नहीं होती। अधिकांश लोगों को केवल सिक्के ही हाथ लगते हैं, जबकि सोने या चांदी कीमती धातुएं मिलने की संभावना बहुत ही कम लोगों के लिए होती है।