प्रवर्तन निदेशालय ने 28 अक्टूबर 2026 को रामपुर के जौहर नगर और सींगनखेड़ा स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी संपत्तियों को अपने कब्जे में ले लिया है। इस यूनिवर्सिटी का संचालन मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट द्वारा किया जाता है, जिसके संस्थापक और मानद कुलाधिपति सपा नेता आजम खान हैं।

अधिकारियों के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय द्वारा अटैच की गई इन संपत्तियों की बुक वैल्यू 426.46 करोड़ रुपए और अनुमानित बाजार कीमत 1170 करोड़ रुपए है। यह पूरी कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और रामपुर के अजीम नगर थाने में दर्ज 26 एफआईआर पर आधारित जांच का हिस्सा है।

जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि ट्रस्ट को मिले कुल 78.32 करोड़ रुपए के डोनेशन में से 66.03 करोड़ रुपए फर्जी थे। इसके अलावा, आयकर विभाग इस मामले में पहले ही ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द कर चुका है और अगस्त 2026 में ईडी ने आजम खान से जुड़े परिसरों पर छापेमारी भी की थी।

जांच एजेंसियों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन, ठेकेदारों के पैसे और अपराध से अर्जित आय का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही, किसानों की जमीन, लगभग 34 एकड़ शत्रु संपत्ति पर अवैध कब्जे और गरीबों के मकान ढहाकर मलबे को निर्माण में उपयोग करने के आरोप भी शामिल हैं जिनपर स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है।