दीपावली के दौरान होने वाली आतिशबाजी और तेज आवाजें पालतू जानवरों के लिए परेशानी का सबब बन सकती हैं। भोपाल के पेट्स फिजिशियन डॉ. आदर्श शर्मा के अनुसार पटाखों के शोर से पालतू जानवरों में डर और घबराहट पैदा होती है।

शोर और संवेदनशीलता का असर

अमेरिकन वेटरनरी मेडिकल एसोसिएशन की रिपोर्ट के मुताबिक आतिशबाजी की तेज आवाज से पालतू जानवरों में तनाव बढ़ता है। कुत्ते और बिल्लियां इंसानों की तुलना में अधिक संवेदनशील आवाजें सुन सकते हैं, जिससे उनका डर और अधिक बढ़ जाता है।

आतिशबाजी के अलावा घर में जलाए जाने वाले दीये और मोमबत्तियां भी पालतू जानवरों के लिए दुर्घटना का जोखिम पैदा करती हैं। ऐसे में त्योहारी सीजन के दौरान पालतू कुत्तों और बिल्लियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।