आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान मुरासु के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और राज्य को करीब 344 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है।
तूफान के चलते आंध्र प्रदेश में 52 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि फसलें बर्बाद हो गई हैं। परिवहन व्यवस्था पर भी इसका गहरा असर पड़ा है और सुरक्षा कारणों से 35 से ज्यादा ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं।
फसलें बर्बाद और ट्रेनें रद्द
प्रशासन ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों से निकालकर 12,230 लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया है। तटीय इलाकों में अभी भी भारी बारिश की आशंका बनी हुई है।
दूसरी ओर, उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में मौसम में बड़ा बदलाव दर्ज किया गया है। उत्तर प्रदेश के दस से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है, जबकि अगले 48 घंटों के दौरान पूर्वांचल में बारिश की संभावना जताई गई है।
उत्तर भारत में कोहरा और प्रदूषण
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बेहद गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है और सुबह 7:41 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स 605 दर्ज किया गया। इसके अलावा उत्तराखंड के उत्तरकाशी में आए एवलांच की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई है।









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