करवा चौथ के पर्व पर सास द्वारा बहू को दी जाने वाली सरगी की थाली में फल, मिठाई, मेवे और फेनी जैसी चीजें शामिल होती हैं। इस पारंपरिक थाली की तैयारी एक रात पहले ही कर लेने से सुबह के समय होने वाली जल्दबाजी से आसानी से बचा जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सरगी के दौरान बहुत अधिक भारी भोजन, अत्यधिक घी या आवश्यकता से अधिक मीठी चीजों के सेवन से बचना चाहिए। ऐसा करने से दिनभर पेट भारी रहने या एसिडिटी की समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिससे व्रत के दौरान परेशानी बढ़ सकती है।
सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन डॉ. अनु अग्रवाल का कहना है कि सरगी में पोषक तत्वों का उचित संतुलन होना बेहद जरूरी है। सही आहार का चयन करने से शरीर को पूरे दिन ऊर्जा मिलती है और स्वास्थ्य पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है।
विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी है कि गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और नियमित रूप से दवा का सेवन करने वाले व्यक्तियों को बिना पानी के रहने वाला यानी निर्जला व्रत शुरू करने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य करना चाहिए।






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