मध्य प्रदेश के देवास जिले के चंदाना गांव में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय राठौर समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी ने घर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई की मदद से नकली शराब बनाने की तकनीक सीखी थी।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने इंदौर के दवा बाजार से केमिकल मंगवाया था और पुरानी बोतलों तथा पानी का उपयोग करके यह जहरीली शराब तैयार की थी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने इंदौर स्थित उस गोदाम को भी सील कर दिया है जहां से केमिकल की सप्लाई की गई थी।

प्रशासनिक स्तर पर भी कड़ी कार्रवाई करते हुए देवास और सागर के कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षक का ट्रांसफर कर दिया गया है, जबकि देवास के तीन आबकारी अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इसके अलावा, उज्जैन संभागायुक्त द्वारा एक विशेष जांच समिति का गठन किया गया है जिसे 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश मिले हैं।

मृत्यु के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। अधिकारियों के अनुसार, मौत के सही कारणों का खुलासा विसरा और एफएसएल (FSL) की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। साथ ही, मामले में हत्या या अन्य गंभीर धाराएं जोड़ी जाएंगी या नहीं, इसका निर्णय जांच पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।