विद्यार्थियों में तकनीकी समझ विकसित करने के उद्देश्य से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने स्कूलों के लिए नए पाठ्यक्रम और मॉड्यूल की शुरुआत की है। यह पहल स्कूली स्तर पर ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और कंप्यूटेशनल थिंकिंग को बढ़ावा देने के लिए की गई है।
सीबीएसई ने कक्षा तीसरी से आठवीं तक के छात्रों के लिए कंप्यूटेशनल थिंकिंग और एआई का नया कोर्स लागू किया है। इसके तहत कक्षा तीन से पांच तक के विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक वर्ष में लगभग 50 घंटे की अवधि तय की गई है, जिससे वे प्रारंभिक स्तर से ही तकनीकी अवधारणाओं को समझ सकें।
दूसरी ओर, एनसीईआरटी ने कक्षा नौवीं से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए 20 घंटे का एक विशेष गतिविधि-आधारित मॉड्यूल लॉन्च किया है। इस मॉड्यूल को आईआईटी मद्रास, आईआईटी जोधपुर और एनसीईआरटी के विशेषज्ञों ने मिलकर तैयार किया है, ताकि छात्रों को प्रायोगिक ज्ञान मिल सके।
अधिकारियों के अनुसार, कक्षा नौवीं से बारहवीं के लिए तैयार किए गए इस विशेष मॉड्यूल का मूल्यांकन संबंधित स्कूल स्तर पर ही किया जाएगा। इस नई व्यवस्था से छात्रों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।











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