बिहार के मुजफ्फरपुर में दो नवंबर 2026 को हुई पीएनजी पाइपलाइन लीकेज और भीषण विस्फोट की घटना की जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। अग्निशमन विभाग और खुफिया विभाग की इस रिपोर्ट में पथ निर्माण विभाग यानी आरसीडी और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई थी और 12 अन्य लोग घायल हुए थे।
जांच के अनुसार पीएनजी पाइपलाइन में करीब 40 किलोग्राम के दबाव से गैस प्रवाहित की जाती है। गैस के इस जोरदार रिसाव के कारण हुए विस्फोट की चपेट में आने से तीन मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा एक जेसीबी, थार जीप, मोटरसाइकिल और स्कूटी समेत कई अन्य वाहन भी इस हादसे में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
क्षतिग्रस्त हुए कई वाहन और मकान
घटना के बाद अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी रामनिवास पांडेय ने गैस रिसाव की पुष्टि की थी। वहीं, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एरिया मैनेजर अद्रित भट्टाचार्य ने भी इस दुर्घटना पर अपना बयान दिया है। हालांकि, शुरुआती दौर में एलपीजी सिलेंडर फटने की जो आशंका जताई जा रही थी, उसे लेकर अब तक कोई भी ठोस सबूत हाथ नहीं लगा है।
इस पूरे गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी कुमार गौरव ने संबंधित महकमों के तमाम अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में सुरक्षा उपायों और आगे की कार्रवाई को लेकर समीक्षा की जा रही है।









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