छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खड़ेनाडीह में 16 जुलाई 2025 की रात करीब 12 बजे 63 वर्षीय मनोहर निर्मलकर की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अदालत ने उनकी बहू 30 वर्षीय गीता निर्मलकर और उसके प्रेमी 25 वर्षीय लेखराम निषाद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

हत्या का मुख्य कारण यह था कि मृतक मनोहर निर्मलकर आरोपी लेखराम के घर आने और बहू को हारमोनियम सिखाने का विरोध करते थे। इसी रंजिश के चलते बहू और उसके प्रेमी ने मिलकर बुजुर्ग को बिजली का करंट लगाकर मौत के घाट उतार दिया था।

घटना का खुलासा तब हुआ जब अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों ने मृतक के शरीर पर चोट और जलने के निशान देखे और तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृतक की मौत का कारण बिजली का करंट लगना स्पष्ट हुआ था, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी की गई और अदालत ने दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।